Yunni AI · प्रोग्राम संपत्ति ऑडिट

प्लांट का ऑडिट होता है — प्रोग्राम का नहीं

मशीनों की सूची किसी के पास होती है, स्पेयर पार्ट्स का रजिस्टर होता है, बिजली और पानी का हिसाब होता है। लेकिन यह किसी के पास दर्ज नहीं होता कि किस मशीन का प्रोग्राम कहाँ रखा है, कौन सा पुराना है और किसका बैकअप ही नहीं है। यही ऑडिट उस सवाल का जवाब देता है।

ऑडिट में क्या-क्या देखा जाता है

हर मशीन के लिए सात सवाल, और हर सवाल का लिखित जवाब।

कंट्रोलरब्रांड, मॉडल, आयु, स्पेयर पार्ट मिलता है या नहीं
प्रोग्रामबैकअप है या नहीं, कौन सा वर्ज़न चल रहा है, कब का है
पासवर्डप्रोग्राम या एचएमआई पर लॉक है या नहीं
बैटरीपुराने कंट्रोलर में बैटरी की उम्र — प्रोग्राम खोने का सबसे आम कारण
दस्तावेज़ड्रॉइंग, सिग्नल टेबल, ऑपरेटिंग निर्देश मौजूद हैं या नहीं
जानकारी किसके पासकितने लोग प्रोग्राम समझते हैं — एक, दो, या कोई नहीं
ड्राइव और पैनलड्राइव पैरामीटर, एचएमआई प्रोजेक्ट, रेसिपी डेटा

रिपोर्ट में आपको क्या मिलता है

मशीन-वार टेबल

हर मशीन के आगे जोखिम का स्तर — लाल (प्रोग्राम बैकअप नहीं / बैटरी खत्म), पीला (बैकअप पुराना / दस्तावेज़ अधूरा), हरा (ठीक)।

प्राथमिकता सूची

किस मशीन पर पहले काम करना चाहिए और क्यों — लागत और उत्पादन जोखिम के हिसाब से क्रम।

खर्च का अंदाज़ा

हर लाल मशीन के लिए: क्या कराना है, कितने दिन लगेंगे, कितना खर्चा आएगा।

बैकअप का नियम

एक पेज का नियम: कौन बैकअप लेगा, कब लेगा, कहाँ रखेगा, कैसे जाँचेगा।

तीन ऐसी चीज़ें जो भारतीय कारखानों में बार-बार मिलती हैं

बैटरी खत्म, प्रोग्राम गया

पुराने पीएलसी में प्रोग्राम बैटरी के सहारे रहता है। बैटरी खत्म और एक दिन मशीन बिना प्रोग्राम के खड़ी। ऑडिट में यह सबसे पहले देखा जाता है।

एक इंजीनियर, पूरा प्लांट

पूरे प्लांट का प्रोग्राम एक ही व्यक्ति के पास। वह छुट्टी पर हो, नौकरी छोड़ दे या दूसरे शहर चला जाए — और लाइन रुक जाती है।

मिले-जुले ब्रांड

एक ही प्लांट में Mitsubishi, Delta, Omron, Schneider और एक आयातित मशीन — हर एक के लिए अलग सॉफ़्टवेयर, अलग केबल, अलग जानकारी। ऑडिट सबको एक टेबल पर ले आता है।

ऑडिट कैसे होता है

  1. सूची। आप मशीनों की सूची और फ़ोटो भेजते हैं — ब्रांड प्लेट की फ़ोटो सबसे उपयोगी होती है।
  2. रिमोट जाँच। जहाँ कंट्रोलर तक दूर से पहुँचा जा सकता है, वहाँ हम खुद देख लेते हैं। बाक़ी के लिए सवालों की सूची।
  3. विज़िट (ज़रूरत हो तो)। एक दिन में 10–15 मशीनें देखी जा सकती हैं; बड़े प्लांट के लिए दो दिन।
  4. रिपोर्ट। 5–7 कार्य दिवस में टेबल, प्राथमिकता सूची, खर्च का अंदाज़ा और बैकअप का नियम।
ऑडिट के बाद कुछ कराना ज़रूरी नहीं। रिपोर्ट आपकी है। अगर आप खुद अपनी टीम से काम कराना चाहें, हम रिपोर्ट में इतना साफ़ लिख देते हैं कि आपकी टीम कर सके।

अपने प्लांट की सच्ची हालत जानिए

मशीनों की सूची भेजिए — बताएँगे कि ऑडिट में कितना समय लगेगा और कितना खर्चा आएगा।

+86 133 1955 1131